जब भी सोचूं तुझे, दर्द अपना बड़ा लेता हूँ |
फिर हर साल का नया सूरज देख कर मुस्कुरा लेता हूँ |
नया साल मुबारक हो |
है एक रंग नया सा, रूप नया सादिल में है आज एहसास नया सा
नयी चाहते हैं और नयी उमंगेंमन में है एक ख्वाब नया सा
नयी है साल, नया हैं दिनरखो अंदाज़ ऐसे जीने का प्यारा सा
नया साल मुबारक हो
जिंदगी का हर लम्हा कुछ सिखाता है
इस साल ने भी बहुत कुछ सिखाया है
नया सीखते रहिये कभी तो काम आएगा
आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें
यूं तो तेरी महफिल में हमे चाहने वालो की कमी नहीं,पर हम तुझे चाहने में कोई खता करें ये भी तो हमें गवारा नही।