सुनो निकाल के वक्त इस जमाने से,
चलो मिलते हैं किसी बहाने से।।
सिर्फ तुम्हें देख कर ही ये एहसास हुआ,
कोई है जो सिर्फ मेरा है।।
मेरी पसंद पे नाराज है मेरा खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं।
सुनो मैं तुम्हारे संग जिंदगी बिताना चाहता हूं,
क्या तुम भी मेरी हमसफ़र बनना चाहोगी...?
जमीर बेचकर अमीर बन जाना।
इससे अच्छा है, फकीर बन जाना।
"जो मेरी हर धुन पर नाचती थी, आज कल किसी
और के साथ बैठ कर धुन बना रही है।"