ना जाने क्यूँ अपने हुस्न पर
इतना गुरूर है उसे..
लगता है उसका
आधार कार्ड अब तक नहीं बना है|
आंधियो से कहो अपनी औकात में रहे,
पिछले हफ्ते मेरे तीन कच्छे उड़ चुके है..!!
आंसू टपक पड़े बेरोजगारी
की इन्तेहा पर ग़ालिब
जब माँ ने कहा बेटा खाली
बैठा है, मटर ही छील दे...!!