बचपन में मेहमान घर आते थे
तो लगता था कि...
कब खा-पीकर जेब में हाथ डाले
और बोले..
अरे बेटा जरा इधर आना तो..!!
मम्मी बोली - तू किसी शादी ब्याह में
नाचता क्यों नहीं है।
मैं बोला - नाचती तो लड़कियां है
हम तो भोले के भक्त है
पी के तांडव करते है। चप्पल की रफ़्तार 140 km.
काबिल नहीं दलित बनो
कामयाबी झक मार कर आएगी..!!
घमंड और पेट
जब ये दोनों बढ़ते है तो
इंसान चाहकर भी किसी
को गले नहीं लगा पता...
शायरी उतने ही करो कि
बेरोजगार न लगो...