ये और बात कि चाहत के ज़ख़्म गहरे है,
तुझे भुलाने की कोशिश तो वर्ना की है बहुत!
अपनी हालत का खुद एहसास नहीं है मुझको,
मैने औरों से सुना है के परेशान हूँ मैं!
दिलो को बाहर निकालो देखो मौसम क्या छाया है,
लगता है,बादल अपने सनम से रूठ कर आया हैै।
दूरियां बिलकुल भी मायने नहीं रखती……
जब दोनों दिलो में वफादारी एक सी हो।