दिल का खेल था,
तुम दिल से ही खेल गए!
दिल का क्या है कहीं भी लग जाता है,
तबाह तो तब होता है जब कहीं ठहर जाता है!
तुम चाहे बंद कर लो दिल के दरवाजे सारे,
हम दिल मे उतर आएंगे कलम के सहारे !
भगवान का दिया सब कुछ है
बस एक सोलह सोमवार करने वाली चाहिए !
मम्मी पापा और एक तुम हो जिंदगी में
जिनके बिना कही मन नहीं लगता है मेरा !