आज भी तेरा चेहरा मासूम है,
आज भी मेरी लिए बस यही एक सुकून है।
जब सामने तेरा चेहरा आया,
उसे देख मेरा दिल मुस्कुराया,
करता हूं उस खुदा का शुक्र,
जिसने मुझे तुझसे ऐसे मिलाया।
तेरी बिखरी जुल्फों के बीच जब चेहरा तुम्हारा दिखता है,
ऐसा लगता है मानो घने बादलों के पीछे से चांद नजर आता है।
राज जाहिर ना होने दो तो
एक बात कहूं, हम धीरे-धीरे तेरे
बिन मर जाएंगे।
चेहरा उसका बोहोत ही खूबसूरत है, एक नूर से जदया सुरूर है,
मासूम इतना है की क्या बताये अब हर मुलाकात में वो लगती हूर है.
मेरी हर एक मंज़िल को राहा मिल जाये,
तेरा चेहरा जब नज़र आये.