बहुत खुश रहता हूँ आज कल मै क्यूंकि
अब उम्मीद खुद से रखता हूँ औरों से नही।
बे-फिजूली की जिंदगी का सिल-सिला ख़त्म,जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम।
भाभी किसकी बनेगी, ये तो वक़्त आने पे बताएँगे. लाइन तुम मार लो बेटा..पटा कर हम ले जाएँगे..!!
अगर तुम अपने पापा की “परी”हो, तो हम भी अपने बाप के “नवाब” है !
उन घरो में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं,
कद में छोटे हो, मगर लोग बड़े रहते हैं.