रौशनी तक पहुँचने के लिए
आपको अँधेरे से गुज़ारना ही पड़ता है…
दुनिया में सब चीज मिल जाती है,….
केवल अपनी गलती नहीं मिलती…..
इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता
बस वक्त अच्छा और बुरा होता है
जिसकी नीति अच्छी होगी,
उसकी हमेशा उन्नत होगी,
“मैं श्रेष्ट हूँ”… यह आत्मविश्वास है,
लेकिन
“सिर्फ मैं ही श्रेष्ट हूँ”…यह अहंकार है।
जीवन में किसी को रूलाकरहवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहींऔरअगर रोज किसी एक आदमी को भी हंसा दियातो आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरूरत नहीं!