‘व्यक्ति’ क्या है..?
ये महत्वपूर्ण नहीं है, परन्तु ‘व्यक्ति’ में क्या है..?
ये बहुत महत्वपूर्ण है
एक दिन सागर ने नदी से पुछा- कब तक मिलती रहोगी मुझ खारे पानी से।
नदी ने हस कर कहा – जब तक तुझमे मिठास न आ जाये।
इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता
बस वक्त अच्छा और बुरा होता है
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।
कुछ लोग ज़िन्दगी होते हैं,
कुछ लोग ज़िन्दगी में होते हैं,
कुछ लोगों से ज़िन्दगी होती है,
पर कुछ लोग होते हैं, तो ज़िन्दगी होती है।