घर बड़ा हो या छोटा अगर मिठास ना हो तो इंसान तो क्या चीटियां भी नहीं आती|
जब कोई आप को अपना समय देता है,
तो याद रहे कि वह अपने जीवन की सबसे अमूल्य चीज आप को दे रहा है !
तुम मुझे कभी दिल, कभी आँखों से पुकारो ग़ालिब,
ये होठो का तकलुफ्फ़ तो ज़माने के लिए है|
जिसकी नीति अच्छी होगी,
उसकी हमेशा उन्नत होगी,
“मैं श्रेष्ट हूँ”… यह आत्मविश्वास है,
लेकिन
“सिर्फ मैं ही श्रेष्ट हूँ”…यह अहंकार है।
नमो नमो दुर्गे
सुख करनी.
नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
Is navratri par Ma
Durga aapko shanti,
sampatti aur shakti de.
Navratri ki shubhkamanaye.