बुराई भी होनी जरूरी है, क्योंकि हर
रोज तारीफ मिलेगी तो आगे नही बढ़ पायेंगे…
हे ईश्वर… बस एक छोटी सी दुआ है,
जिन लम्हों में, मेरे अपने मुस्कुराते हो…
वो लम्हे कभी ख़त्म न हो…
ज़िन्दगी एक पल है, जिसमें न आज है न कल है,
जी लो इसको इस तरह, की जो भी आपसे मिले वो यही कहे,
बस यही मेरी ज़िन्दगी का सबसे हसीं पल है।
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।
अमर वही इंसान होते हैं
जो दुनियां को कुछ देकर जाते हैं