जहाँ कोशिशों का कद बड़ा होता है,
वह नसीबों को भी झुकना पड़ता है।
Good Morning
जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
कुछ लम्हों की ज़िन्दगी है, ज़ी लो इसे खुशनसीबों के जैसा,
महकते रहो सदा फूलों के जैसा, अगर बिखरो तो बिखरो खुशबू के जैसा।
शुभ प्रभात..
सुबह-सुबह सूरज का साथ हो,
गुनगुनाते परिंदों की आवाज़ हो,
हाथ में चाय का कप, और यादों में कोई ख़ास,
उस खूबसूरत सुबह की पहली याद आप हो।
अगर मुसीबतें है तो मुस्कुरा के चल,
आँधियों को पैरों तले दबा के चल,
मंजिलों की औक़ात नही तुझसे दूर रहने की,
विश्वास इस क़दर खुद में जगा के चल.