चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
साँसों में मेरी ख़ुशबू बन के बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेर इश्क का जादू
सोते-जागते तुम ही तुम नजर आते हो.
ज़ुल्म इतना ना कर के लोग कहे तुझे दुश्मन मेरा…!!
हमने ज़माने को तुझे अपनी “ जान ” बता रक्खा है…!!
ऐसा लगता है, हर इम्तिहाँ के लिए,
किसी ने जिन्दगी को हमारा पता दे दिया है
मुझे खामोश राहों मै तेरा साथ चाहिए,तनहा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए,जूनून-ई-इश्क को तेरी ही सौगात चाहिए,मुझे जीने के लिए तेरा ही प्यार चाहिए !!
Yaad rahega ye dour- E hayaat humko
Ki tarse the zindgi me zindgi ke liye