नींद का साथ हो सपनों की बारात हो,
चाँद तारे भी साथ हो,
और कुछ रहे या ना रहे
पर हमारी यादें आपके साथ हो.
मेरी पलकों का अब नींद से कोई ताल्लुक नही रहा,मेरा कौन है ये सोचने में रात गुज़र जाती है…!!!
सितारों से भरी इस रात में,जन्नत से भी खूबसूरत ख्वाब आपको आये,इतनी हसीन हो आने वाली सुबह की,मांगने से पहले ही आपकी हर मुराद पूरी हो जाये.गुड नाईट
ए पलक तु बन्द हो जा,ख्बाबों में उसकी सूरत तो नजर आयेगी,इन्तजार तो सुबह दुबारा शुरू होगी,कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी|
एक जैसे दोस्त सारे नही होते,कुछ हमारे होकर भी हमारे नहीं होते,आपसे दोस्ती करने के बाद महसूस हुआ,कौन कहता है ‘तारे ज़मीं पर’नहीं होते.