खुशियां करीब हों, जन्नत नसीब हो,
आप चाहें जिसे वो सदा आपके करीब हो,
कुछ इस तरह हो कर्म खुदा का आप पर,
कि ये चाँद तारे भी आपको नसीब हों।
शुभ रात्रि।
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही,इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नही।
इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए,कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए,आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था,आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!
रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं.
आपके होठों पे मुस्कान भेज दूँ,आपके पास अपनी यादें भेज दूँ,सोने का हुआ है वक्त अभी,आपके लिए प्यारा सा ख्वाब भेज दूँ.Good Night.