⇒⇒ कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता,
तुम न होते न सही… ज़िक्र तुम्हारा होता!!
“अपनों को याद करना प्यार हैं,
गैरों का साथ देना संस्कार हैं,
दुश्मनो को माफ करना उपकार हैं,
और आप जैसे दोस्तों को परेसान करना जन्मसिद्ध अधिकार हैं.”
उसने पूछा सबसे ज्यादा क्या पसंद है तुम्हे
मैं बहुत देर तक देखता रहा उसे
बस ये सोचकर कि
खुद जवाब होकर उसने सवाल क्यूँ किया…!!
Hum Bhi Maujood The Takdeer Ke Darwaje Pe,
Log Daulat Par Gire Aur Humne Tujhe Maang Liya.
इतना ना तड़पाओ मेरे दिल को,
इतना ना सताओ मेरे बाहों को,
इतना ना छुपाओ तेरे प्यार को,
आग दोनो तरफ़ लगी हैं..आओ ले लो मुझे अपनी बाहों में..
HAPPY HUG DAY 2018