ङरे क्यूं मेरा कातिलक्या रहेगा उसकी गर्दन पर वो खून,जो चश्म-ए-तर से उर्म भर यूॅ दम-ब-दम निकले
ङरे क्यूं मेरा कातिल
क्या रहेगा उसकी गर्दन पर वो खून,
जो चश्म-ए-तर से उर्म भर यूॅ दम-ब-दम निकले
गुजर गई वो सितारों वाली प्यारी सी रात,
आ गयी याद वो आपकी एक मीठी सी बात,
हर पल होती रहती थी हमारी मुलाकात,
अब तो बिन आपके होती होती है दिन की शुरुआत! 💘
Good Morning
ऐ बेदर्द… सब आ जातें हैं यूँ ही मेरी ‘ख़ैरियत’ पूछने…अगर तुम भी पूछ लो तो यह ‘नौबत’ ही न आए.
Din Me Deepak Jalane Se Kya Hoga ,
Raakh Me Aag Lagane Se Kya Hoga,
Jab Aapko Aati Hi Nahi Hamari Yaad,
Toh Phir Yaad Dilane Se Kya Hoga?
Yun to sapne bahut hasi hote hai,
Par sapno se pyaar nahi karte,
Chahate to tumhe hum aaj bhi hai,
Bas apni chahat ka izhar nahi karte!!!