ङरे क्यूं मेरा कातिलक्या रहेगा उसकी गर्दन पर वो खून,जो चश्म-ए-तर से उर्म भर यूॅ दम-ब-दम निकले
ङरे क्यूं मेरा कातिल
क्या रहेगा उसकी गर्दन पर वो खून,
जो चश्म-ए-तर से उर्म भर यूॅ दम-ब-दम निकले
गुज़रते लम्हों में सदिया तलाश करता हूँ,
ये मेरी प्यास है नदिया तलाश करता हूँ.
यहाँ तो लोग गिनाते है खुबिया अपनी,
में अपने आप में खामिया तलाश करता हूँ….!!
आलम तो ये न था कि दूरियाँ इतनी बढ़ जाये,पर बेक़रारी ने तो हद कर दी।
आलम तो ये न था कि दूरियाँ इतनी बढ़ जाये,
पर बेक़रारी ने तो हद कर दी।
जिंदगी एक फूल है
तो मोहब्बत उसकी खुशबू है
प्यार एक दरिया है
तो महबूब उसका साहिल है अगर
जिंदगी एक दर्द है तो दोस्त उसकी दवा है
क्लास में आख़िरी बेन्च पर जो कुरेद कर तुम्हारा नाम लिखा था,
ज़िन्दगी की सब से लम्बी कहानी वही तो थी ….