जिस्मों का अंजाम जिस दिन देख लोगे,
उस दिन तुम्हें रूह से मोहब्बत हो जाएगी!
वो कहता था तुम्हारी मुस्कुराहट बहुत हसीन है कहता तो वो ठीक था इसलिए शायद वो अपने साथ मेरी मुस्कुराहट भी ले गया …
वह अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा
खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं, मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं, करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों, तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है.
तुम्हें गुमां है कि मैं जानता नहीं कुछ भी,मुझे ख़बर है कि रस्ता बदल रहे हो तुम।