शादी करनी थी पर किस्मत खुलती नहीं,
ताज बनाना था पर मुमताज़ मिलती नहीं,
एक दिन किस्मत खुली और शादी हो गयी,
अब ताज बनाना है पर मुमताज़ मरती नहीं।
काश प्यार का इन्शुरन्स हो जाता,
प्यार करने से पहले प्रीमियम भरवाया जाता.
प्यार में वफ़ा मिली तो ठीक वर्ना,
बेवफाओं पे जो खर्चा होता उसका क्लेम तो मिल जाता।
हसीना से मिलें नजरें अट्रैक्शन हो भी सकता है,
चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,
हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना,
ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है।
मोहब्बत के चर्चे बहुत हैं यारों,
हुस्न के पर्चे बहुत है यारों,
मोहब्बत करने से पहले सोच लेना,
क्योंकि इसमें खर्चे बहुत है यारों।
देखकर मेरी आँखें एक फकीर कहने लगा,
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है,
खवाबों का वज़न कम कीजिये...!