अगर तुम अजनबी थे, तो अजनबी लगे क्यू नहीं…
अौर अगर मेरे थे तो मुझे मिले क्यूं नहीं…
चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही
लेकिन रवैये अजनबी हो
जाये तो बडी तकलीफ देते हैं
मुझे इस बात का गम नहीं कि बदल गया ज़माना;मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो, कहीं तुम ना बदल जाना!
हमको तो बस तलाश नए रास्तों की है, हम हैं मुसाफ़िर ऐसे जो मंज़िल से आए हैं...
हमे बेवफा बोलने वाले
आज तू भी सुनले,
जिनकी फितरत ‘बेवफा’
होती है,
उनके साथ कब ‘वफा’ होती है!!