इंसान एक दुकान है और जुबान उसका ताला.. ताला जब खुलता है
तब मालूम होता है कि, दुकान सोने की है या कोयले की…
ईश्वर हर जगह नहीं हो सकते
इसलिए उन्होंने माँ को बनाया
बारिश की बूँदें भले ही छोटी हों..
लेकिन उनका लगातार बरसना
बड़ी नदियों का बहाव बन जाता है…
वैसे ही हमारे छोटे छोटे प्रयास भी
जिंदगी में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं…
मीठी जुबान, अच्छी आदतें,
अच्छा व्यवहार और अच्छे लोग, हमेशा सम्मानित होते हैं।
जिसने अपनी इच्छाओं पर काबू पा लिया,
उस मनुष्य ने जीवन के दुखों पर काबू पा लिया..!!