लड़की रो-रो कर लड़के से कह रही हैं,
हाथ छोड़ो, मेरी नाक बह रही हैं.
गलती से पंखे का बटन क्या
दब गया...
....पूरा परिवार यूँ देखने लग
गया जैसे मैं कोई आतंकवादी
हूँ ..
इस बरसाती ठण्ड के मौसम में रजाई के अंदर रहना ही श्रेष्ठ कर्म है
और टमाटर की चटनी के साथ पकोड़े, चाय मिलना मोक्ष की प्राप्ति..
एक आदमी खड़े-खड़े चाबी से
अपना कान खुजा रहा था..?
दूसरा व्यक्ति उसे गौर से देखता हुए बोला :-
भाई साहब, आप स्टार्ट नहीं हो रहे...
तो मै धक्का लगाऊ.?
😄😄😄😄😄
ना मुस्कुराने को जी चाहता हैं,
ना कुछ खाने-पीने को जी चाहता हैं,
अब ठंड बर्दास्त नही होती,
सब कुछ छोडकर रजाई में घुस जाने को जी चाहता हैं