शुभ सोमवार
जय बाबा बर्फानी
“तारीख हज़ार साल में बस इतनी सी बदली है,…
तब दौर पत्थर का था अब लोग पत्थर के हैं”….
दिल से जो भी मांगोगे मिलेगा,
ये गणेश जी का दरबार है,
देवों के देव वक्रतुंडा महाकाया को,
अपने हर भक्त से प्यार है।
उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा ???
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है !!!
आप से मिलने का मन कर रहा है,मन को समझाया तो दिल कह रहा है,दिल को बताया तो आँखे रो पड़ी,उन्हे चुप कर दिया तो, साँसे बोल पड़ी,Happy New Year My Dear!!