जीतने से पहले जीत और हारने से
पहले हार कभी नहीं माननी चाहिए।
दो मुलाकात क्या हुई हमारी तुम्हारी,निगरानी में सारा शहर लग गया।
अमर वही इंसान होते हैं
जो दुनियां को कुछ देकर जाते हैं
वक़्त को भी हुआ है ज़रूर किसी से इश्क़,जो वो बेचैन है इतना कि ठहरता ही नहीं।
मुझे नहीं पता कि मैं एक बेहतरीन दोस्त हूँ या नहीं,
लेकिन मुझे पूरा यकीन कि जिनके साथ मेरी दोस्ती है…
वे बहुत बेहतरीन हैं।