दोपहर, शाम के इंतज़ार में गुजर जाती है,
शाम, ना जाने कब आके चली जाती है,
तुम भी कोई शाम सी लगती हो मुझे,
इंतज़ार में जिसके दिन गुजरते है जिसके l
जब रात को आपकी याद आती हैसितारों में आपकी तस्वीर नज़र आती हैखोजती है निग़ाहें उस चेहरे कोयाद में जिसकी सुबह हो जाती है !!!
मुझे तलाश हैं एक रूह की, जो मुझे दिल से प्यार करे
वरना इंसान तो पेसो से भी मिल जाया करते हैं |
देखकर मेरी आँखें एक फकीर कहने लगा,
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है,
खवाबों का वज़न कम कीजिये...!
जिस जिसका मैं हुआ नहीं
उसकी जिंदगी सवर गयी
मैं राह देखता रहा जाने किसकी
और इन्ही राहों पे ये जिंदगी गुजर गयी