तुम क्या हो ये कुछ पता नहीं
तुम इश्कशहर हो या पूरा हिंदुस्तान हो
ये वर्ष आपके लिए खुशियों का नगर हो,
क्या बखूबी हो हर एक खुशी आपकी अगर हो.
हर रात फुर्सत के नए गीत सुनाए,
लम्हों के लबों पे भी शबनम का असर हो.
Dekhi hotho ki hasi zakham na dekhe dil ka,
aap bhi oron ki tarha kha gae dhokha keishe!
Mujhe mere Kal ki Fikar Aaj bhi nahi hai..
Par Khuwahish tO tujhe Paane ki Qayamat tak rahegi..
जब भी विंटर सीजन आती हैं,
कसम से तेरी याद बहुत आती हैं,
दिल सोचता है मेरा बार-बार
मेरा इनर कब लौटाओगे यार…
Happy Happy Winter Season