दुनिया की भीड़ में
सबसे करीब जो है,
मेरे पापा मेरे खुदा
मेरी तकदीर वो है..
मुबारक हो पापा दिवस
हर सफलता संघर्ष से होकर गुजरती है
बिना संघर्ष के सफलता की कल्पना भी नहीं की जा सकती
संस्कारों से बड़ी कोई वसीयत नहीं होती
और ईमानदारी से बड़ी कोई विरासत नहीं होती
एक रोस उनके लिएजो मिलते नही रोज़-रोज़,मगर याद आते है हर रोज़ |
सफलता का कोई पैमाना नहीं होता –
एक गरीब बाप का बेटा बड़ा होकर ऑफिसर बने पिता के लिए यही सफलता है।
जिस इंसान के पास कुछ खाने को ना हो वो सुख पूर्वक 2 वक्त की रोटियां जुटा ले ये भी सफलता है