मेरे निहारने को, वो घूरना समझती रही,पूरे प्यार की अधुरी बात यूँ कहती रही lहर कोने में इश्क की खुशबु फैलाने की बात थी,इसलिए मेरे हर गलती को नज़रअन्दाज करती रही l
कोई कहे इससे जादू की झप्पी,
कोई कहे इसे प्यार…
मौका है खूबसूरत,आ गले लग जा मेरे यार |
Akele hai to kya hua,Ye zindgi bhi guzar jayegi….
Hum apni tanhai mitane ke liye kisi ko majbur nahi karte…
उसको चाहा पर इजहार करना नही आया,
कट गयी उम्र हमें प्यार करने नही आया,
उसने कुछ माँगा भी तो मागी रजाई,
और हमे इंकार करना नही आया....
उसने मोहब्बत, मोहब्बत से ज़्यादा की थी,
हमने मोहब्बत उस से भी ज़्यादा की थी,
वो किसे कहेंगे मोहब्बत की इन्तहा,
हमने शुरुआत ही इन्तहा से ज़्यादा की थी.