वो कहता था तुम्हारी कसम,कभी न छोडूंगा तुम्हे,आज देखे हम अभी तक ज़िंदा है वाह,यार क्या झूठी कसम खाई थी तूने.
वो कहता था तुम्हारी कसम,
कभी न छोडूंगा तुम्हे,
आज देखे हम अभी तक ज़िंदा है वाह,
यार क्या झूठी कसम खाई थी तूने.
उनके लिए जब हमने भटकना छोड़ दिया,
याद में उनकी जब तड़पना छोड़ दिया,
वो रोये बहुत आकर तब हमारे पास,
जब हमारे दिल ने धडकना छोड़ दिया
तेरी बेवफाई का सौ बार शुक्रिया,
मेरी जान छूटी…इश्क़-ऐ-बवाल से.
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!
इत्तेफाक से तो नहीं,
हम दोनों टकराये
कुछ तो साजिश
खुदा की भी होगी