तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना सकता हूँतुझसे मिले बिना तेरा हाल बता सकता हूँहै मेरी दोस्ती में इतना दम तेरी आँख काआँसू आपनी आँख से गिरा सकता हूँ !
तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना सकता हूँ
तुझसे मिले बिना तेरा हाल बता सकता हूँ
है मेरी दोस्ती में इतना दम तेरी आँख का
आँसू आपनी आँख से गिरा सकता हूँ !
बड़ी गरज से चाहा है तुझे
बड़ी दुआओं से पाया है तुझे
तुझे भूलने की सोचूं भी तो कैसे
किस्मत की लकीरों से चुराया तुझे
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर हू ,
चाहा था सिर्फ एक तुमको और तुमसे ही दूर हू .
काश कोई हम पर भी इतना प्यार जताती,
पीछे से आकर वो हमारी आँखों को छुपाती,
हम पूछते की कौन हो आप …??
और वो मुस्करा कर खुदको हमारी जान बताती.
लगता है मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर …
मेरी दुनिया में तेरी मौजूदगी यूँ ही तो नहीं है …
कुछ इस तरह से वफ़ा की मिसाल देता हूँ
सवाल करता है कोई तो टाल देता हूँ
उसी से खाता हूँ अक्सर फरेब मंजिल का
मैं जिसके पाँव से काँटा निकाल देता हु …