आईना देख कर तसल्ली हुईहम को इस घर में जानता है कोई
आईना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई
तेरा इंतेज़ार मुझे हर पल रहता है,
हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है,
तुझ बिन धड़कने रुक सी जाती है,
की तू मेरे दिल मे मेरी धड़कन बनके रहता है!!
आँखों में मंज़िलें थी
गिरे और सँभालते रहे..
आँधियों में क्या दम था
चिराग हवा में भी जलते रहे…
तुझे ना पा सके तो भी सारी जिंदगी तुझे प्यार करेंगे
ये जरूरी तो नहीं जो मिल ना सके उसे छोड़ दिया जाये
तुम्हारी प्यारी सी नज़र अगर इधर नहीं होती,नशे में चूर फ़िज़ा इस कदर नहीं होती,तुम्हारे आने तलक हम को होश रहता है,फिर उसके बाद हमें कुछ ख़बर नहीं होती.