दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो
किस एक विचार को अपने जीवन का लक्ष्य बनाओ,
कुविचारों का त्याग कर केवल उसी विचार बारे में सोचो,
तुम पाओगे कि सफलता तुम्हारे कदम चूम रही है।
धैर्य हमेशा आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा,
लगन आपको मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगा,
मूल्यवान है ज़िन्दगी का हर लमहा,
इसे व्यतीत न करें बल्कि जी भर के जियें।
जिनका कद ऊँचा होता है
वो दूसरों से झुक कर ही बात करते हैं