कागज पे मैंने अपने सब शौक हैं उतारे,ख़्वाबों को जी लिया, शब्दों के हैं सहारे lरंगीन दुनिया में, बे-रंग फिरते है मारे,तस्वीर में जो रंग थे, मैं पी गया वो सारे l
बड़े ही चुपके से भेजा थामेरे महबूब ने मुझे एक गुलाबकम्बख्त उसकी खुशबू नेसारे शहर में हंगामा कर दियाHappy Rose Day
मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।
अब तो शायद ही मुझसे मुहब्बत करेगा कोई
तेरी तस्वीर जो मेरी आखों में साफ़ नजर आती है
Ek sukoon ki talash me jane kitni bechanni pal liAur log kehte hai hum bade ho gye humne zindgi sambhal li