वो भला क्यूँ कदर करते हमारे अश्को की
सुना है सावन उनके शहर पर कुछ ज्यादा मेहरबान रहता है..।।
छू गया जब कभी ख्याल तेरा,दिल मेरा देर तक धड़कता रहा,कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया घर में,और घर देर तक महकता रहा।
छू गया जब कभी ख्याल तेरा,
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा,
कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया घर में,
और घर देर तक महकता रहा।
Mausam hai barish ka aur yaad tumhari aati hai,
Barish ke har qatre se awaz tumhari aati hai.
हम हवा नहीं जो खो कही जायेंगे,
वक़्त नहीं जो गुज़र जायेंगे,
हम मौसम नहीं जो बदल जायेंगे,
हम तो आंसू है जो ख़ुशी और
गम दोनों में साथ निभाएंगे.
ये लम्हा मेरी मोहब्बत से भरा है ,
ये समां मेरी मोहब्बत से भरा है ,
इस गुलाब को सिर्फ गुलाब मत समझना,
और से देखना ये गुलाब मेरी मोहब्बत से भरा है.