थोड़ा संभल कर चलते है,थोड़ा लापरवाह हो जाते है,डरते थे जिस राह, जाने में,उसी सफ़र में खो जाते है l
उसके इकरार का इंतजार है मुझे
जाने क्यूँ उससे इतना प्यार है मुझे
ऐ खुदा कब आएगा वो हसीन पल
जब वो खुद कहेगी जान तुमसे प्यार है मुझे
मुझे ना सताओ इतना कि मैं रुठ जाऊं तुमसे,
मुझे अच्छा नहीं लगता अपनी साँसों से जुदा होना।
मुझे अपने कल की फ़िक्र आज भी नहीं है
लेकिन तुझे पाने की चाहत क़यामत तक रहेगी
उमीद तो हमने ये की थी,
में राँझा तेरा तू मेरी हीर बने,
पर शायद खुद को ये मंज़ूर न था,
की तू मेरी तकदीर बने!