जितना खुबसूरत ये सुबह है
उतना खुबसुरत हो आपका पल
यादगार हो जाये वो सपना
जिस सपने को आप देखो कल
Good Morning
अमर वही इंसान होते हैं
जो दुनियां को कुछ देकर जाते हैं
कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर!
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर!
ये देगी उतना ही, जितना लिख दिया खुदा ने!
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर!
परिश्रम की मिशाल हैं, जिस पर कर्जो के निशान हैं,
घर चलाने में खुद को मिटा दिया, और कोई नही वह किसान हैं
जीवन की वास्तविकता बस इतनी सी है
बचपन मे होम वर्क जवानी मे होम लोन और बुढापे में होम अलोन
ही रह जाता है...
सुप्रभात!