सपना एक देखोगे, मुश्किल हजार आएगी लेकिन वो मंजर बड़ा खूबसूरत होगा जब क़ामयाबी सोर मचाएगी।
ये सिलसिला क्या यूँ ही चलता रहेगा,
सियासत अपनी चालों से कब तक किसान को छलता रहेगा.
वर्षों से दहलीज़ पर कड़ी वो मुस्कान है,
जो हमारे कानो में धीरे से कहती है,
“सब अच्छा होगा”
गुस्सा करना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा ही है –
क्यूंकि आप जिसपे गुस्सा करते हैं उससे ज्यादा आपका खुद का नुकसान हो जाता है
Remember...
Where you are now
is not where you will
always be. Better
days are ahead.