लिया हो जो न आपने ऐसा कोई इम्तिहान न रहा,
इंसान आखिर मोहब्बत में इंसान न रहा,
है कोई बस्ती जहाँ से न उठा हो जनाज़ा दीवाने का,
आशिक की कुर्बत से महरूम कोई कब्रिस्तान न रहा।
Yaado k jungle me tab tak firta hu
Jab tak pair lahu luhan nahi ho jate..
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है.जो मुझे तुझसे जुदा करती है,हाथ की उस लकीर से डर लगता है!
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा
मतलब की दुनिया थी इसलिए छोड़ दिया सबसे मिलना,
वरना ये छोटी सी उम्र तन्हाई के काबिल नही थी।