घर बना कर वो मेरे दिल में छोड़ गया है
न खुद रहता है न किसी और को बसने देता है
मोहब्बत के भी कुछ अंदाज़ होते हैं,
जगती आँखों के भी कुछ ख्वाब होते हैं,
जरुरी नहीं के ग़म में आँसू ही निकले,
मुस्कुराती आँखों में भी शैलाब होते हैं।
ḳhud apne aap se lenā thā intiqām mujhemaiñ apne haath ke patthar se sañgsār huā
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे..
Aankho ki gehrai ko samaz nahi sakte,honto se kuch keh nahi sakte.Kaise baya kare hum aapko yeh dil ka haal ki,tumhi ho jiske bageir hum reh nahi sakte.