चाँद अब जमीन पर उतरने को हैं,
दिसंबर का महीना जा रहा हैं, जनवरी परवान चढ़ने को हैं.
मुझे यकीन हैं तुम आओगी आसमान से कोहरा छट रहा हैं,सूरज अभी छत पर चढ़ने को हैं.
गुड मॉर्निंग शायरी गर्लफ्रेंड
Hasai to hasi lav,
Radai to radi lav,
Sangraam chhe jindagi,
Ladai to ladi lav.
मैं तेरे हिज़ार की बरसात में कब तक भीगू!!ऐसे मौसम में तो दीवारे भी गिर जाती है..
रिमझिम तो है मगर सावन गायब है,बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है..!!क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारोंअपने तो हैं मगर अपनापन गायब है !
अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझको
इस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये