“ऊंँचाई पर वही पहुँचते है,
जो बदला नहीं बदलाव लाने की सोच रखते है।”
Ek sukoon ki talash me jane kitni bechanni pal liAur log kehte hai hum bade ho gye humne zindgi sambhal li
हे ईश्वर… बस एक छोटी सी दुआ है,
जिन लम्हों में, मेरे अपने मुस्कुराते हो…
वो लम्हे कभी ख़त्म न हो…
साइलेंट मोड पर
सिर्फ
फ़ोन अच्छे लगते है....
रिश्ते - नाते
और
दोस्त नहीं।
गुड मॉर्निंग
सुबह-सुबह उन्हें सताना अच्छा लगता है,
सुबह-सुबह उन्हें नींद से उठाना अच्छा लगता है,
मोबाइल उठाकर हमारे मैसिज पड़ लेना,
सुबह-सुबह गुड मॉर्निंग भेजना हमे अच्छा लगता है।