बन के एक हादसा बाज़ार में आ जायेगा,
जो नहीं होगा वो अख़बार में आ जायेगा
चोर उचक्कों की करो क़द्र के मालुम नहीं,
कौन, कब, कौनसी, सरकार में आ जायेगा
उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा
कौन याद रखता हैं गुजरे हुए वक़्त के साथी कोलोग तो दो दिन में नाम तक भुला देते हैं |
तौहीन ना कर शराब को कड़वा कह कर,
जिंदगी के तजुर्बे शराब से भी कड़वे होते है...
।। कहते है पीनेवाले मर जाते है जवानी में ।।
।। हमने तो बुजुर्गों को जवान होते देखा है मैखाने में ।
Na Waqif The Hum Chahat K Asulon Se, Is Liye Barbaad Huye…..
Na Usne Apna Banaya Na Kisi Aur K Qabil Chodha..