मुझसे पहले वो किसी और की थी , मगर कुछ शायराना चाहिए था । ।
चलो माना ये छोटी बात है , पर तुम्हें सब कुछ बताना चाहिए था ।
बातो बातो मैं दिल ले जाते हो,देखते हो इस तरह जान ले जाते हो,अदाओ से अपनी इस दिल को धरकाते हो,लेकर बाहों मै – सारा जहाँ भुलाते हो.
एक फूल अजीब था,
कभी हमारे भी बहुत करीब था,
जब हम चाहने लगे उसे,
तो पता चला वो किसी दूसरे का नसीब था ।
गुज़र गया वो वक़्त जब तेरे तलबगार थे हम.
अब खुद भी बन जाओ तो सजदा न करेंगे..!
कितने आंसू बहूँगा उस बेवफा के लिए
जिसको खुदा ने मेरे नसीब मैं लिखा ही नहीं….
Ulfat Mein Kabhi Yeh Haal Hota Hai;
Aankhen Hasti Hain Magar Dil Rota Hai;
Mante Hain Hum Jisse Manzil Apni;
Humsafar Uska Koi Aur Hota Hai!