उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है
खन खना खन है ख्यालों मेंजरुर आज उसने कंगन पहने होंगे
तू बन जा मेरी कि इस कदर चाहूंगा तुझे
कि लोग दुआ करेंगे तुझसा नसीब पाने के लिए
जब से बाजी, वफा की हारे हैं.
दोस्तों, हम भी गम के मारे हैं.
तुम हमारे सिवा,सभी के हो,
हम किसी के नहीं,तुम्हारे हैं
सोचा किसी ख़ास से बात करे,
अपने किसी अपने को याद करें.
किया जो निर्णय नए साल की शुभकामनाएं देने का,
दिल ने कहा क्यों न आरम्भ आप से करें.
HAPPY NEW YEAR 2021