हार गए अगर इस दुनियादारी से
तो चलो बाबा के धाम चलते है
किस्मत जहाँ हर हारे की
बाबा महाकाल बदलते है
जय महाकाल
भोले की भक्ति में मुझे डूब जाने दो
शिव के चरणों में शीश झुकाने दो
आई है शिवरात्रि मेरे भोले बाबा का दिन
आज के दिन मुझे भोले के गीत गाने दो
यह कैसी घटा छाई हैं
हवा में नई सुर्खी आई है
फ़ैली है जो सुगंध हवा में
जरुर महादेव ने चिलम लगाई है
शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
गुझिया की महक आने से पहले
रंगों में रंगने से पहले
होली के नशे में डूबने से पहले
हम आपसे कहते है
हैप्पी होली सबसे पहले
बाबा ने जिस पर भी डाली छाया
रातो रात उसकी किस्मत की पलट गई छाया
वो सब मिला उसे बिन मांगे ही
जो कभी किसी ने ना पाया