चिलम के धुएं में हम खोते चले गए ,
बाबा होश में थे और मदहोश होते चले गए
जाने क्या बात है महादेव के नाम में
न चाहते हुए भी उनके होते चले गए
जय महाकाल
यह कैसी घटा छाई हैं
हवा में नई सुर्खी आई है
फ़ैली है जो सुगंध हवा में
जरुर महादेव ने चिलम लगाई है
शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
भोले की महिमा है अपरम्पार
करते हैं अपने भक्तों का उद्धार
शिव की दया आप पर बनी रहे
और आपके जीवन में खुशियां भरी रहें
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें
बाबा ने जिस पर भी डाली छाया
रातो रात उसकी किस्मत की पलट गई छाया
वो सब मिला उसे बिन मांगे ही
जो कभी किसी ने ना पाया
पी के भांग जमा लो रंग
जिन्दगी बीते ख़ुशियों के संग
लेकर नाम शिव भोले का
दिल में भर लो शिवरात्रि की उमंग !