Meri kismat se mujhe milegi tu,
Mere sath-sath chalegi tu,
Jitna mai tujhe pyar du,
Utna mujhe pyar degi tu.
बंदा नहीं है कोई टक्कर
का आज की तारीख में,
इसीलिए लफ्ज कम पड़
जाते है हमारी तारीफ़ में..!!
पके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
सांसों में मेरी खुशबु बनके बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का जादू,
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,तुझ पर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा,ना रोते हम यूँ तेरे लिये..अगर हमारी ज़िन्दगी में तेरे सिवा कोई ओर होता..
Ho Jaun Itna Madhosh Tere Pyar Mai
Ke Hosh Bhi Aane Ki Ijaazat Maange..