तेरी झील सी आँखों में डूब जाने का दिल चाहता है,
वफ़ा पर तेरी बर्बाद हो जाने का दिल चाहता है,
कोई सम्भाले हमे, बहक रहे हैं कदम,
तेरे इश्क में मर जाने का दिल चाहता है।
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी बात होती है,वो हजारो रातों में वो एक रात होती है,जब निगाहें उठा कर देखते हैं वो मेरी तरफ,तब वो ही पल मेरे लीये पूरी कायनात होती है।
ये कैसा सरूर है तेरे इश्क का मेरे मेहरबाँ,
सँवर कर भी रहते हैं बिखरे बिखरे से हम!
जिंदगी आ बैठ, ज़रा बात तो सुन,
मुहब्बत कर बैठा हूँ, कोई मशवरा तो दे
तुम्हारे प्यार का मौसम
हर मौसम से प्यारा है