जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है, रात होती है तो आँखों में उतर आता है, मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं, वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है।
बहुत खूबसूरत वो रातें होती है,जब तुमसे दिल की बात होती है ||वैसे कुछ खास लफ्ज़ नहीं होते मेरे पास,पर जब उनकी याद आती है तोह,मेरे लिखे लफ्ज़ो में भी मिठास आ जाती है.
शुभचिंतक वो नही होते जो आपसे रोज़ मिलें और बातें करें...
शुभचिंतक वो है जो आपसे रोज़ ना भी मिल सकें
फिर भी आपकी ख़ुशी के लिए प्रार्थना करें...
सुप्रभात
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
जो लोग दूसरों का भला सोचते हैं
केवल उन्हीं का जीवन सफल है,
अपने लिए तो जानवर भी जीते हैं